Saturday, February 12, 2011

घोटालों का सरताज...


कहते हैं कि वर्तमान पर अतीत की छाया ज़रूर रहती है. मतलब साफ है कि वर्तमान अतीत से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकता..तभी तो साल 2011 के शुरुआती महीनों में ही घोटालों की आमद शुरु हो गई है..ये कुछ और नहीं बल्कि साल 2010 के आखिरी कुछ महीनों में सामने आए घोटालों का ही प्रभाव है..दरअसल, साल 2010 के गुजरते-गुजरते इतने घोटाले सामने आए कि इस साल को घोटालों का साल घोषित करने से कोई गुरेज नहीं किया जा सकता..साल 2010 जाते-जाते कॉमनवेल्थ घोटाला,टूजी स्पेक्ट्रम घोटाला,सीवीसी पद पर थॉमस की नियुक्ति का मामला, आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाला,बोफोर्स तोप घोटाला मामले में दलाली की खुली पोल जैसे कई घोटालों की टीस दे गया

कौन हैं होस्नी मुबारक



मिस्र में तीस साल तक एकछत्र राज करने वाले होस्नी मुबारक ने भारी जनदबाव के चलते ग्यारह फरवरी 2011 को अपना पद छोड़ दिया. मिस्र में तीस साल तक तानाशाही करने वाले होस्नी कौन है..क्या है उनका जीवन सफर आईए.. डालते हैं इस पर एक नज़र...



नाम-मोहम्मद होस्नी सैय्यद मुबारक
जन्म : 4 मई, 1928
पत्नी : सुजैन मुबारक
बेटे : अल्ला मुबारक व गमाल मुबारक

तहरीर बना तवारीख..



11 फरवरी 2011,,.ये वो दिन है जो मिस्र के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया. जी हां..यही वो दिन है जब 18 दिन के रक्तहीन गदर के बाद मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को जनांदोलन के आगे घुटने टेककर अपने पद से न केवल इस्तीफा देना पड़ा..बल्कि काहिरा स्थित राष्ट्रपति भवन छोड़ना पड़ा

Sunday, February 6, 2011

चमत्कार को नमस्कार...




इक्कीसवीं सदी में हम विकास के नित पायेदान छू रहे हैं.. मनुष्य हर घटना के साथ एक नया अनुभव पाता है..विज्ञान और तकनीक कितनी ही विकसित हो जाएँ...लेकिन प्रकृति को मात नहीं दे सकी हैं..तभी तो अभी तक न तो कोई तकनीक किसी भूकंप की, किसी तूफान की और न ही किसी ऐसी प्राकृतिक आपदा के बारे में सटीक भविष्य़वाणी कर पाई हैं..जिसने मानव पर जमकर कहर बरपाया हो.. समय-समय पर भूकंप,बाढ़,बारिश और तूफान जैसी आपदाओँ ने साबित कर दिया है..कि इन पर हमारा कोई बस नहीं है..ऐसी आपदाओं में हम सभी सृष्टि के पालनहार भगवान को याद करते हैं..आज भी कुछ ऐसी घटनाएँ घटती हैं..जो साधारण किसी भी तरीके से नहीं कही जा सकती हैं..साथ ही इन पर जल्दी से यकीन भी नहीं होता..शायद इसलिये ऐसी घटनाओं को चमत्कार कहते हैं..भगवान का चमत्कार...जो समय-समय पर ऐसी घटनाओँ के माध्यम से ये संदेश देते हैं..कि इस पूरी सृष्टि को चलाने वाला कहीं न कहीं विद्यमान हैं...जी हां.. वाकया छत्तीसगढ़ के कोरबा का है..जहां के एक साईं मंदिर में पानी से दीपक जल उठा.

Saturday, February 5, 2011

बदलाव ज़रूरी है..


कहते हैं कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है. मानव जीवन के विकास के लिए बदलाव अति महत्वपूर्ण है. आज जो विद्यमान है..कल वो अतीत हो जाएगा..और उसकी जगह कोई और ले लेगा. यही बदलाव है.. जब तक पुराना जाएगा नहीं..नए के लिए स्थान नहीं बनेगा. एक उदाहरण देकर