इक्कीसवीं सदी में हम विकास के नित पायेदान छू रहे हैं.. मनुष्य हर घटना के साथ एक नया अनुभव पाता है..विज्ञान और तकनीक कितनी ही विकसित हो जाएँ...लेकिन प्रकृति को मात नहीं दे सकी हैं..तभी तो अभी तक न तो कोई तकनीक किसी भूकंप की, किसी तूफान की और न ही किसी ऐसी प्राकृतिक आपदा के बारे में सटीक भविष्य़वाणी कर पाई हैं..जिसने मानव पर जमकर कहर बरपाया हो.. समय-समय पर भूकंप,बाढ़,बारिश और तूफान जैसी आपदाओँ ने साबित कर दिया है..कि इन पर हमारा कोई बस नहीं है..ऐसी आपदाओं में हम सभी सृष्टि के पालनहार भगवान को याद करते हैं..आज भी कुछ ऐसी घटनाएँ घटती हैं..जो साधारण किसी भी तरीके से नहीं कही जा सकती हैं..साथ ही इन पर जल्दी से यकीन भी नहीं होता..शायद इसलिये ऐसी घटनाओं को चमत्कार कहते हैं..भगवान का चमत्कार...जो समय-समय पर ऐसी घटनाओँ के माध्यम से ये संदेश देते हैं..कि इस पूरी सृष्टि को चलाने वाला कहीं न कहीं विद्यमान हैं...जी हां.. वाकया छत्तीसगढ़ के कोरबा का है..जहां के एक साईं मंदिर में पानी से दीपक जल उठा.
वैसे तो इस तरह का चमत्कार साईं बाबा ने बरसों पहले शिरडी में किया था..कहते हैं कि दीपावली के दिन शिरडी में गरीब लोगों के पास जब दिए जलाने के लिए तेल नहीं था..तो साईँ बाबा ने चमत्कार करते हुए पानी से दिए जला दिए थे...बरसों बाद अब इसी तरह का चमत्कार दो फरवरी 2011 को कोरबा में दर्री के साईं मुड़ी रामनगर में देखने को मिला..जहां पानी से दिया रौशन हो उठा. दरअसल उक्त दिन रोज की ही तरह साईं मंदिर में साईं बाबा की प्राण प्रतिष्ठा की गई..लेकिन इस दिन पुजारी के मुताबिक उसने पहले तो तेल से उसने दिया जलाया...और फिर उसके दिमाग में ख्याल आया कि क्यों न पानी से दिया जलाकर देखा जाए..कि दिया जलता है कि नहीं...तब पुजारी ने दिए में तेल की जगह पानी डाल दिया..और दिया जलाने की कोशिश की..इसके बाद तो पुजारी के आश्चर्य की सीमा न रही...दिया पानी से जल उठा..पहले तो पुजारी जी को यकीन नहीं हुआ..उन्होंने एक बार फिर से ऐसा ही किया..तो भी दिया जल रहा था..उन्होंने इस बात की जानकारी लोगों को दी..बस फिर क्या था..मंदिर में लोगों का हूजुम उमड़ पड़ा. सभी लोगों के जेहन में एक ही सवाल था कि क्या पानी से दिया जल सकता है..हालांकि सबूत उनके सामने था..तो इस पर यकीन नहीं करने का सवाल नहीं उठता. तस्वीरों के माध्यम से आप भी देखिए पानी से जलता हुआ दीपक..
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| साईं बाबा मंदिर,कोरबा,छत्तीसगढ़ |
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| पानी से जलता हुआ दीपक |
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| पानी से जलता हुआ दीपक |
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| मंदिर में जुटे श्रद्धालु |
अगली घटना भी दो फरवरी 2011 की है..आंध्रप्रदेश की राजधानी हैदराबाद के दिलसुखनगर इलाके में स्थित साईं बाबा मंदिर में सीसीटीवी कैमरे में एक दैवीय प्रकाश देखा गया..लोगों का मानना था कि ये प्रकाश साईं बाबा की आत्मा है..ये भी साईं बाबा का ही एक और चमत्कार था..
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| साईं बाबा मंदिर,दिलसुख नगर,हैदराबाद,आंध्रप्रदेश |
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| साईं बाबा मंदिर,दिलसुख नगर,हैदराबाद,आंध्रप्रदेश |
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| साईं बाबा मंदिर,दिलसुख नगर,हैदराबाद,आंध्रप्रदेश |
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| साईं बाबा मंदिर,दिलसुख नगर,हैदराबाद,आंध्रप्रदेश |
सच है कि प्रकृति पर किसी का बस नहीं। मानव चाहे कितनी ही प्रगति क्यों न कर ले। वो भगवान नहीं बन सकता है।
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