बेहिसाब तबाही..
जापान पर प्रकृति का कहर बरपा है.. जापान में जलजला आया..और जलजले के बाद उठी सुनामी की लहरों ने तबाही बरपाने में कोई कोताही नहीं बरती. कारें,ईमारतें,जहाज,पुल,बड़े-वाहन,हवाई जहाज..और जो कोई भी इन लहरों के रास्ते में आया...इन्होंने उसे भी अपने रास्ते से हटाने में कोई हिचकिचाहट नहीं की..लोग इमारतों में खड़े सहायता के लिए चीख-पुकार कर रहे थे..ज़लज़ला करीब ग्यारह मार्च को शुक्रवार के दिन स्थानीय समयानुसार दो बजकर पैंतालीस मिनट पर आया. ज़लज़ले की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.9 आंकी गईं. इस भूकंप का केंद्र राजधानी टोक्यो से करीब चार सौ किलोमीटर दूर बीस मील की गहराई में था.
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| भूकंप का एपिक केंद्र |
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| तबाही की लहरें,सुनामी |
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| एक ऑफिस के भीतर का नज़ारा |
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| इमारतों की छतों पर फँसे लोग |
भूकंप से टोक्यो में कई इमारतें हिल गईं और डर के मारे लोग घरों से बाहर आ गए. भूकंप के बाद आई बाढ़ से समुद्र तट से सटे मियागी प्रांत में कई इमारतें और कारें बह गईं. क्योडो न्यूज एजेंसी ने सेनदाई में ही समुद्र तट के समीप 200 से 300 लोगों के शव मिलने की खबर दी है।
उधर, मियागी प्रांत में ओनागावा न्यूक्लियर प्लांट की टरबाइन बिल्डिंग में आग लगने की खबर आई तो..एहतियातन अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भूकंप की जद में आए जापान के चार न्यूक्लियर पावर प्लांट सुरक्षित तरीके से बंद कर दिए गए.न्यूकलियर इमरजेंसी घोषित कर दी गई..सड़कें दरक गईं.. ज़लज़ले के चलते टोक्यो के आसपास के चालीस लाख घरों की बिजली आपूर्ति ठप है. टोक्यो के नज़दीक चिबा रिफायनरी में भीषण आग लगने की भी खबर है. जापान में चलने वाली बुलेट ट्रेन सेवा बंद कर दी गई है। भूकंप प्रभावित इलाकों में राहत कार्य के लिए 900 लोगों को काम पर लगाया गया है।
आप भी देखिए इस भयानक तबाही को तस्वीरों के ज़रिए..
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| जल में बह गया सब कुछ |
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| जलमग्न हुआ सबकुछ |
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| तेल रिफाइनरी में आग |
नरीता एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है, विमानों को उड़ान भरने से रोक दिया गया, एयरपोर्ट से यात्रियों को निकाल लिया गया है. टोक्यो में मेट्रो ट्रेन सेवा बंद कर दी गई। उपनगरीय ट्रेन सेवा भी रोक दी गई है। जापान के उत्तरी तट पर स्थित सेनदाई एयरपोर्ट पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गया है। जापान के सभी बंदरगाह बंद कर दिए गए हैं और यहां होने वाले कामकाज पूरी तरह बंद हैं। भूकंप से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए सेना के आठ विमान काम में लगाए गए हैं।
जापान के इतिहास में 140 वर्षों के बाद ऐसा भीषण भूकंप आया है. । भूकंप के बाद सुनामी की 13 फीट ऊंची लहरों ने उत्तरी तट के समीप मियागी इलाके को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। मौसम विभाग की चेतावनी में कहा गया है कि सुनामी के दौरान समुद्र की 20 फीट ऊंची लहरें उठ सकती हैं। हवाई स्थित पैसिफिक सुनामी चेतावनी केंद्र ने जापान सहित इंडोनेशिया, हवाई द्वीप, ताइवान, रूस, मार्कस आइलैंड, उत्तरी मारियाना, गुआम और फिलीपींस के लिए भी जारी की गई है। हालांकि भारत के समुद्री तट महफूज हैं और यहां के लिए सूनामी की कोई चेतावनी नहीं जारी की गई है। पापुआ न्यू गिनी, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिजी, मैक्सिको, ग्वाटेमाला, अल साल्वाडोर, कोस्टा रिका, निकारागुआ, पनामा, होंडूरास, चिली, इक्वाडोर, कोलंबिया और पेरू में भी सुनामी की चेतावनी जारी की गई है।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है..हालांकि लोगों की मौत का आंकड़ा अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाया है.







सुन्दर रचना, आपके ब्लॉग पर आकर अच्छा लगा, आपसे अनुरोध है की प्रेम व भाईचारा के प्रतीक " भारतीय ब्लॉग लेखक मंच" पर आकर follower बनकर हमारा सहयोग करें. हम आपकी प्रतीक्षा करेंगे. हमारा पता है.........www.upkhabar.in/
ReplyDeleteकीर्ति हेगड़े .. प्रचारक ..----- भारतीय ब्लॉग लेखक मंच. ...
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शुक्रिया।
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