कोख के क़ातिल
धरती का भगवान इतना दरिंदा हो जाएगा..हमने कभी सोचा भी नहीं होगा..वो इतना घिनौना काम करेगा..चंद रुपयों के लालच में..कोख का सौदा कर देगा.. किसी को सुनकर यकीन भी नहीं हो रहा होगा.. जी हां... धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर इस तरह का कुकृत्य करेंगे..जो किसी महिला को मां बनने के सुख से वंचित कर दे...सुनकर रूह कांप जाती है..यकीन करना मुश्किल होता है.. लेकिन ये सोलह आने सच है..मामला राजस्थान के दौसा जिले का है..जहां के बांदीकुई क्षेत्र के चार निजी अस्पतालों पर आरोप लगा है कि उनके डॉक्टरों ने महज कुछ हजार रुपयों के लिए जननी सुरक्षा योजना के तहत पिछले छह महीने के भीतर गांवों की भोली-भाली करीब 226 महिलाओँ के गर्भाशय निकाल लिए.
ये डॉक्टर महिलाओँ के गर्भाशय निकालने का काम करते ही जाते अगर दौसा में संचालित अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के पदाधिकारी आरटीआई के तहत ये सूचना प्राप्त नहीं करते कि इन महिलाओं को कैंसर जैसी घातक बीमारी का भय दिखाकर इनकी बच्चे दानी निकाल ली जाती थी. कोख के ये काले कारोबारी औरतों को भय दिखाकर बच्चेदानी का ऑपरेशन करवाने को विवश करते थे..वैसे इन महिलाओं को पता तक नहीं होता था कि उन्हें बीमारी से निजात दिलाने के नाम पर ऑपरेशन करने वाले ये डॉक्टर उनके साथ धोखा कर रहे थे..वे बेचारी महिलाएँ नहीं जानती थीं कि ये लोग उनकी जान बचाने के नाम पर उन्हें जिंदगी भर तिल-तिल मरने के लिए छोड़ देने का रास्ता साफ कर रहे थे.. इन धोखेबाज़ डॉक्टरों ने इससे पहले न जाने कितनी ही महिलाओं के गर्भाशय निकालकर उन्हें मातृत्व सुख से वंचित करने का कुकृत्य किया हो. इन दरिंदों ने न जानी कितनी ही भोली भाली महिलाओं को मातृत्व के उस सुख से वंचित कर दिया हो..जिसका इंतजार हर औरत को होता है..हर औरत मां बनने के बाद ही अपने जीवन को धन्य मानती है..महज कुछ हजार रुपयों के लिए इन दरिंदों ने जिस घिनौने काम को अंजाम दिया है..उसके लिए इन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए..इलाज के नाम पर महिलाओँ का शोषण करने वाले इन कोख के कातिलों को सज़ा मिलने से शोषित महिलाओँ का दुख तो कम नहीं होगा.. हां इन्हें सजा मिलेगी..तो आगे कोई और डॉक्टर..डॉक्टरी जैसे ईमानदार और पवित्र पेशे को बदनाम करने की कोशिश नहीं करेगा..और न ही रूपयों के लालच किसी मां की कोख का सौदा करने की हिम्मत कर पाएगा. उधर, मीडिया में ये मुद्दा आने के बाद सरकार थोड़ी हरकत में आई है..दौसा के सीएमएचओ ओ पी मीणा ने इस मामले की जांच की बात कही है..तत्काल प्रभाव से इन चारों निजी अस्पतालों की जननी योजना से संबंद्धता को अस्थाई तौर पर रद्द कर दिया गया है...और अगर जांच में अस्पताल दोषी पाए जाते हैं तो उनकी संबंद्धता स्थाई रुप से रद्द कर दी जाएगी..साथ ही अब ये राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह ये सुनिश्चित करे कि इस मामले का कोई भी दोषी बच न पाए.

bahut acha hai
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